Divyalekh: Prem Viyog Rehan Katrawale Lyrics

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एक दिन ऐसा भी आएगा जब तुम्हारे पास मैं नही सिर्फ़ मेरी यादें होंगी,
ये बादल भी रोएंगे उस दिन जब तुम्हारे करीब मैं नही सिर्फ़ मेरी बातें होंगी।
तुम्हे वो हमारी पहली मुलाक़ात याद आएगी,
जिस बारिश में भीगे थे एक साथ वो रात याद आएगी।
याद करोगे वो बातें जो हमने आँखों ही आँखों में की थी,
कितनी हसीन थी वो चंद लमहों की ज़िंदगी जो हमने एक दुसरे में जी थी।
मेरी हर बात पर तुम्हारा शर्माना लाज़मि होता था,
तुम्हारी हर अदा पर मेरा मुस्कुराना लाज़मि होता था।
जानते तो थे की मोहब्बत दोनों को है मगर,
बातों ही बातों में प्यार जताना लाज़मि होता था।
तुम्हारे चहरे के तिल से भी एक खास रिश्ता था मेरा,
मेरे हक़ में दुआ कर गया जो ऐसा फरिश्ता था मेरा।
मौसम ने जो करवट ली, हम जिस रात करीब आए थे,
तुम्हारे होंठों को जो चूमा मैनें, खयाल कुछ ऐसे भी हसीन आए थे।
दो जिस्मों के साथ-साथ दो रूहें जो एक हुई थी,
उस प्रेम मिलन में दोनों की तक़्दीरें जो एक हुई थी।
मेरी सांसों में तुम्हारी सांसे कुछ इस तरह मिली थीं,
मानों जीते जी जैसे जन्नत मुझे मिली थी।
संभाल कर रखे हैं वो पल मैनें मेरी यादों की तिजोरी में,
सब कुछ पा कर भी सब गवा दिया दिलों की इस चोरी ने।
अब तुम्हारे शहर में होते हुए भी तुमसे दूर हम कैसे रहें,
सब कुछ सहते हुए भी मुस्कुराना पड़े इतने मजबूर होकर हम कैसे रहें।
तुम्हारे बिना ज़िंदगी वीरान होगी सिर्फ़ धड़कनों का लिहाज़ करेंगे,
तुम आओ चाहे ना आओ हम सिर्फ़ तुम्हारा इन्तज़ार करेंगे।
तुम्हारे सिवा किसी और का हक़ नही इस दिल पर, ये सिर्फ़ तुम्हारी अमानत है,
इस इश्क़ से आज़ाद ना करो हमें, के इसमें केद रहना ही हमारी असल ज़मानत है।
इश्क़ इतनी शिद्दत से किया हमने के वक़्त आने पर अपनी ही बातें होंगी,
फ़िलहाल साथ हूं तुम्हारे तो अपने करीब रखो मुझे,
एक वक़्त ऐसा भी आएगा जब तुम्हारे पास मैं नही सिर्फ़ मेरी यादें होंगी।